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मै थक चूका हू .........
अब सोचता हू सो
जाऊ ..
लेकिन फिर सोचता
हू क्यों न मै तुमको जगाऊ ...
तू थाम ले मेरी
कलम मै आराम कर आऊ ....
मेरी तो जिज्ञासा है ..
अब अपनी धरती के नाम रात बिताऊ ...
थोडा तू लिख थोडा मै लिख जाऊ ...
अपने दोस्तों का स्वाभिमान वापस ले आऊ ..
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