Friday, 8 February 2013

हमारे दोस्त और हम


  1. ***हमारे दोस्त और हम ***
    बहुत से दोस्त आपके साथ होगे जो हमेशा से आपकी बड़ाई करते आये होगे ..
    पर इतना याद रखना जो आपके जितने पास है वो उतना ही खतरनाक होता है ...
    और फिर आज की इस रफ्तार में कौन नही चाहता की मै अपने आप को सबसे आगे ले जाऊ ..
    देखना एक दिन येसा आएगा .. की आप अपने आप पर ही पछताओगे और मुर्ख बन जाओगे ..
    तो अच्छा यही है की हम किसी पर न भरोषा करते हुए अपना काम करे ..
    क्योकि आज की दुनिया में दोस्त कोई नही और दुश्मन बहुत है ...
    वही दोस्त जो तुम्हारे साथ है जरुर एक दिन तुम्हारे सर पर पैर रखकर आगे निकलेगा ..
    वो आपके किसी नई तरक्की की खुसी में जो लड्डू खाता है उसके बाद सोचता है .. चलो अच्छा है इस बहाने से ही सही साले का 100 रुपये खर्चा तो हुआ ..
    गाड़ी लेते हो तो सोचता है चली अच्छा है इसी बहाने बैंक में रुपया तो ख़तम हुआ ......

    (
    ये मेरी खुद पर आजमाई हुई बाते है .)

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