·
दोस्त -दर्द
-दुआ ..
तीनो बड़ी मुस्किल से मिलते है ...
पर जब भी मिलते है ..
कुछ न कुछ याद दिला देते है ....
------------------------------------
तीनो बड़ी मुस्किल से मिलते है ...
पर जब भी मिलते है ..
कुछ न कुछ याद दिला देते है ....
------------------------------------
पर इन कमबख्तो ने सिखा दिया ...
कुछ किया या न किया ...
पर इसने तो बदनाम करवा दिया ...
- आज तुमने क्यों मुझे
करना चाहा बदनाम .......
मैंने तो अपना नाम ही रखना चाहा बदनाम ...
आज नेता भी बदनाम, तो आज जनता भी बदनाम ..
आज मै भी होना चाहा बदनाम ... - बहुत नसीब वाले होते है
वो लोग ..
जिन्हें हम अपना दोस्त बनाते है ...
पर ये जनाब इतने पास आते है ...
की चुपके- चुपके हमारा ही नसीब चुराते है .. - कुछ लोग ब्रह्मा को
भूलकर " अहम् ब्रहास्मी " कहते फिर रहे है ...
अपना तो भविष्य ये लिख नही सकते ... दूसरो पर भी उगली उठवाने का काम कर रहे है ... - आप तब तब मुर्ख और रूढ़िवादी
हो , ढोगी है .
जब तक कुछ धर्म के रखवालो के पैर को धुल कर पी नही लेते ..
जब तक उनके हर बात को मान नही लेते ...
जब तक अपनी बात कहना छोड़कर उनकी बात मान नही लेते ..
जब तक उनको सुबह शाम नमस्कार न करो ....
चाहे वो अधर्मी , पापी और मुर्ख ही क्यों न हो .. - ----------------------
इतना भी प्यार मत दे ...
की सुबह उठकर बन्दा ..
अपने मुह की जगह ...
तेरा मुंह धुल दे...
--------------------
तेरे जलवे मैंने बहुत देखे ये संगदिल ....
अब जरा उधार का भी चूका दे बिल ..
तेरा प्यार तो कंगाल हो गया ...
काफ़ी वाला मालामाल हो गया ...
क्या यही प्यार की निशानी है ...
अब तो चौराहे पर दूकान लगानी है ...
-
: थोडा हस भी लो यार
तेरी बेदर्दी ने इस तरह मारा ..
की न मै अपना रहा न तुम्हारा ....
मै तो हो गया आवारा ....
जबसे तुमने "चोरी किया पर्स हमारा "
- उन नादाने दिलो को हम
क्या कहे ...
जो अपने घर में कम ...
और दुसरे के घरो में ज्यादा वक्त बिताया करते है ....
मौका मिले तो कुछ न कुछ चुराया करते है ...
(फेसबुक पर friend लिस्ट में घुस जाया करते है ) - {{किसी को तुरंत मार देना नादानी होती है
------------------------
----बदला जितना पुराना होता है , उतना ही खतरनाक होता है }}
(अपना बदला कभी भुलाना नही ) - 1. कुछ कमबख्त अपना अच्छा खासा चेहरा छोड़ दुसरे पर मरते है .......
1 -2 पैक लगाकर साले नाली में सड़ते है ......- मत कर इतना गुमान चहरे
पर ..
ये संग दिल....
चेहरे तो कौवे के भी होते है ...
पर वे भी अनजान होते है .. - ------------------------------------------
हमारे दोस्त ने क्या तरकीब लगाई है ....
शादी कहकर मेरी अर्थी सजाई है ...
अरे मारना ही था तो एक साथ मार देते ....
रुक- रुक के मारने की बात फरमाई है ....
--------------------------------------------- - बहस को जन्म देना हमारी
आदत है ...
क्योकि बिना बहस के किसी बात को मान लेना तो मुर्ख लोगो का काम होता है .
बहस से लोगो के अन्दर का गुबार बाहर निकलता है ..
उसने कुछ जानने को मिलता है ..
उनको कुछ बताने का भी मौका मिलता है ...
********************************* - ------------------------------
इस भारत में मैंने सब कुछ देखा है ....
यहाँ सैफ अली खान भी है ...
यहाँ जीनत अमान भी है ....
यहाँ अभी जवान रेखा है ....
------------------------------- - {बदनाम जितना करना है कर लो दोस्त "
मुझे पता है बदनाम आदमी ही नोटों पर छपता है " } "गाँधी " - "दर्द भी वही देता है ..
जो पास होता है ......
इसलिए मैंने अकेले रहना ..
पसंद कर लिया ............" - कभी वक्त पराया होता है , कभी अपने पराये होते है ...
वक्त पराया हो तो हम हम दुखी होते है ...
लेकिन जब अपने पराये हो जाए तो ज्यादा दुखी होते है ....
:मेरे विचार आपके लिए . - ----------------------------------------------------------------------------
{{ जैसे आवश्यकता अविष्कार की जननी है , वैसे बहस सुधार की जननी है }}
----------------------------------------------------------------------------- - मरते हुए व्यकित और
कांग्रेस में एक समानता बताता हू ....(ध्यान देना )
दोनों मरते समय ही कहते है ---
"हे राम "
---------------- - विधार्थी और बीजेपी में
एक समानता बताता हू .. ..(ध्यान देना .)
जब परीक्षा आती है, तब इन दोनों को भगवान राम याद आते है ...
"जय श्री राम " - हमारे दोस्त की शादी के
बाद -
वो बदले ... उनके बॉस बदल गए ....
वो वदले ... उनके मिजाज बदल गए ...
वो बदले .. उनके याद बदल गए.....
वो बदले .. उनके अंदाज बदल गए .. - कुछ लोग होते है जो ...
अमीर हो जाए तो रौब जमाते है ...
और गरीब हो जाए तो भीख मांग कर भी खाते है .......
(पर इनकी आदत कभी सुधरती नही है .. इन्हें सुधारने वाला भी पैदा नही हो सकता ) - मरना है तो मरो वतन के
लिए ...
क्यों मरते हो रात भर के दुल्हन के लिए ...
उस चौराहे पर जाकर देख ...
कितने आशिको की लाश पड़ी है सिर्फ एक कफ़न के लिए ...... - खुदी को कर इतना बुलंद
..
की खुदा बोले बस कर तू मेरे पास आ जा ...
तेरी बस एक सजा ....
आके मेरी गुलामी बजा ... - अब इस दर्द से आह नही
हमें ..
तुझसे बेहतर चाह नही हमें ...
तेरा दर्द भी हमें कबूल है ...
शुरू से यही मेरा वसूल है ... - {{किसी को तुरंत मार देना नादानी होती है
------------------------
----बदला जितना पुराना होता है , उतना ही खतरनाक होता है }}
(अपना बदला कभी भुलाना नही )
बापू जी ..
क्या तुम खुरापात करते हो ...
भक्तो पे क्या लातो की बरसात करते हो ..
अरे ये भक्त है , कोई गुलाम नही ...
जो इस तरह से इनसे मुलाकात करते हो ..
भगवान के चेले हो तुम भी ...
भगवान् बनने की करामत करते हो ...
:आसाराम ने मारी भक्त के सिर पर लात, प्रवचन में गाली दी :1. कुछ तो बात है तुझमे ..........-------------------------------
जिससे तुम हमपर राज करते हो .....
हम चाहे या न चाहे ...........
फिर भी रोककर बात करते हो ..
तेरे दर्द ने येसा सितम ढाया ...........
की दर्द-ए-दिल -------------
------------ मै रात भर सो न पाया ........
· वो मेरी लेखनी थी या तलवार थी ...
जिसमे शब्दों की मार थी ...
जिससे न खून बहा न आह थी ..
बस समझदार को ही राह थी .........उस दिल में भी कितनी हिम्मत समाई होगी ...
------ जिसने सबके दर्द की कहानी सुनाई होगी ..- कभी अपने भी परेशानी का
सबब बन जाते है ...
दुसरे कम लेकिन वो जिन्दगी भर का सबक दे जाते है .. - --------------------------------------
किस्मत कभी कायरों का साथ नहीं देती।
भाग्य वीरों के साथ होता है,
जो मुसीबतों से लड़ने का साहस रखते हैं।,
भगवान् भी उन्ही के साथ होता है |
-
--------------------------------------
- "ये उनकी नजरो का कमाल था ..
या नखरो का कमाल था ..
जो हम लुटते चले गए ..
जो हम डूबते चले गए .." · तुम दिखे , तुम्हारे चेहरे की चमक दिखी ...
पर इस नादान-ए- दिल को पेन्ट की मसक न दिखी ...
1. ------------------------------------------
मुझे तो हर आदमी से सिर्फ अच्छाई लेना है ...
चाहे वो मोदी हो और चाहे वो मनमोहन हो .....
-------------------------------------------
(मेरी सोच ) - मत कर इतना गुमान चहरे
पर ..
No comments:
Post a Comment