Tuesday, 5 February 2013

मेरी ताकत :




  • मेरे पास कोई हथियार नही है ..
    शिवा जी के तलवार की धार नही है ..                     
    न प्रताप के घोड़े की ललकार है ..
    न हनुमान जी की शक्ति अपार है ..
    मेरे पास तो सिर्फ शब्दों की मार है ..
    थोडा सा बातो में तिरस्कार है ..
    तुम्हारे हर गंदे जख्म का उपचार है ..
    शब्द ही मेरे सलाहकार है ..
    यही मेरे विचार है ..
    यही मेरे संस्कार है ..

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