Tuesday, 5 February 2013

मुस्लिम लडकियों के लिए फ़तवा :

एक लड़की जो बिना कपड़ो के पैदा होकर आती है ...
झूठा इस्लाम उसे तन ढकना सिखाता है ..
उसपर रौब जमाता है ..
उसपर फतवा लगाता है ...

एक लड़की जो प्यार चाहती है ...
उसे भूल दस दस ब्याह रचाता है ..
उसके बोलने पर शोर मचाता है ...
उसे धमकाता है ..

एक लड़की जो खुलकर जीना चाहती है ...
उस पर रोक लगाता है ..
उसे शैतानो जैसा कपडे पहनाता है..
मेरा मतलब ये नही की .
तू उसे नंगा घुमा ...
पर कम से कम उसे उससे ही तो न गुमा ... 

{{" जब कोई मुस्लिम महिला रोड पर खड़ी होका पानी पूरी (गोलगप्पे ) को बुर्के के नीचे खाती है .तो उसे कैसा महसूस होता होगा क्या कभी आपने सोचा है , अगर आप को येसा करना पड़े तो क्या करोगे , क्या इसके खिलाफ आवाज नही उठाओगे ?"}}

1 comment:

  1. Is se pata chalta hai ki kis tarah Islam logo par jabardasti thopa gaya hai. ye koi dharm nahi balki ek asamajik vyakti dwara likhi gayi pustak ka aankh band karke bhedo ki tarah anusaran karne wale logo ka samuh hai. Aaj ke yug me log khud tay karte hai ki kya sahi hai or kya galat lekin ye mulle abhi bhi apne ul julul vichar fatwo ke dwara dusro par thop rahe hai.

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