·
----------------------------
आज मैंने भी रोज डे मनाया ...
फूलो को पेड़ो में ही नहलाया ....
धीरे से उनको सहलाया ...
फिर उनको याद दिलाया ..
आज तुम्हरा खराब दिन आया ...
झूठे आशिको ने ये दिन बनाया ..
ये सब है दीवानों की माया ..
गलती की जो आज निकल आया ....
-----------------------------------------
- " वो फूल भी आज कितना सर्मिन्दा होगा .. "
{{.......जिसे एक ने तोडा और दुसरे ने मरोड़ा , क्या सब गलती इसी की थी ?"}}

No comments:
Post a Comment