1. सैनिको का जुर्म क्या था ????
यही की वे हमारी रक्षा कर रहे थे ..
जिससे हम अपने घरो में
आसानी से सो सके ,
खा सके , और आराम कर सके ???
पर क्या हम उनके लिए कुछ नही कर सकते ??
क्या जो हमारे लिए रोज आसमान के नीचे सोते है
उनके लिए एक दिन नही दे सकते ??
क्या हम उनके लिए एक दिन घर से बाहर नही
निकल सकते जो हमारे लिए अपने बच्चो ,माँ , बाप को छोड़कर रोज हमारी सेवा कर रहे है ??????
घर से निकलो अब कही देर न हो जाए और देश के सैनिक निराश न हो जाए ..
सरकार कब चाहती है की हम चैन के नींद सोंये .??
खा सके , और आराम कर सके ???
पर क्या हम उनके लिए कुछ नही कर सकते ??
क्या जो हमारे लिए रोज आसमान के नीचे सोते है
उनके लिए एक दिन नही दे सकते ??
क्या हम उनके लिए एक दिन घर से बाहर नही
निकल सकते जो हमारे लिए अपने बच्चो ,माँ , बाप को छोड़कर रोज हमारी सेवा कर रहे है ??????
घर से निकलो अब कही देर न हो जाए और देश के सैनिक निराश न हो जाए ..
सरकार कब चाहती है की हम चैन के नींद सोंये .??
सरकार का
सेनाओं के लिए नया नारा -
सिर झुका सकते है लेकिन कटा सकते नही :
आज भारतीय जवान सिर्फ कार्टून बनकर रह गए है ...
जिनके बदूक बच्चो को दिखाने और बहलाने के लिए है ..
गोलिया नेताओ के नाजायज बच्चे पैदा होने पर दागी जायेगे .. या फिर किसीसहीद होने पर ..
और तोपे धुप दिखाने के लिए है ..
और नई मिसाइलों को मेला में प्रदर्शनी लगाने के लिए है ..
और तीनो सेना किसी मेहमान की अगुवानी और रास्ट्रपति के बनने पर उसे भवन तक छोड़ने के लिए है..
और सेना के हेलीकाप्टर सोनिया को विदेश ले जाकर इलाज करवाने के लिए ..

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