कुछ लोग जो हम जैसे लोगो
को मुर्ख कहते है या समझते है -
अरे दोस्त चलो मैंने मान लिए की मै बेवकूफ हु..
लेकिन शायद तुम जानते हो की मुर्ख लोगो से भी समाज का निर्माण होता है ..
उनका भी एक समाज होता है .. और अगर एक बहुत चालाक सौ मूर्खो के बीच में हो तो वो भी मुर्ख ही होता है ..
तो तुम क्यों नही अपनी दुनिया हमसे अलग बना लेते हो..
असलियत तो ये है की कही तुम अपने आप को सर्मिन्दा तो नही समझ रहे हो..?
कही कुछ कहने से छिप तो नही रहे हो ..?
कही ये सोचते हो की हमारे कहने से कुछ लोग नाराज हो जायेगे और तुम्हे फायदा नही मिलेगे .??
ठीक है मै मुर्ख हु तो तुम कौन हो अपने आप को देखो .
अरे दोस्त चलो मैंने मान लिए की मै बेवकूफ हु..
लेकिन शायद तुम जानते हो की मुर्ख लोगो से भी समाज का निर्माण होता है ..
उनका भी एक समाज होता है .. और अगर एक बहुत चालाक सौ मूर्खो के बीच में हो तो वो भी मुर्ख ही होता है ..
तो तुम क्यों नही अपनी दुनिया हमसे अलग बना लेते हो..
असलियत तो ये है की कही तुम अपने आप को सर्मिन्दा तो नही समझ रहे हो..?
कही कुछ कहने से छिप तो नही रहे हो ..?
कही ये सोचते हो की हमारे कहने से कुछ लोग नाराज हो जायेगे और तुम्हे फायदा नही मिलेगे .??
ठीक है मै मुर्ख हु तो तुम कौन हो अपने आप को देखो .
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