Wednesday, 2 January 2013

उत्तर प्रदेश मतलब बाहुबलियों का अड्डा .


ये है उत्तर प्रदेश यहाँ सब प्रसन का उत्तर मिलता है -
यहाँ उल्टा मतलब सीधा और सीधा मतलब उल्टा होता है -

{{{यहाँ बाहुबलियों का साया है , जो विरोध किया वो यमराज को पाया है ..
यहाँ मर्दों की माया है , नामर्दों की सिर्फ छाया है ....
हम उत्तर प्रदेश के वासी , हमें तो ये सब भाया है ...
यहाँ देखने में सब संत , पर आत्मा राक्षस की पाया है ...}}}

" उत्‍तर प्रदेश वि‍धानसभा का सत्र जारी है। काबि‍लेगौर है कि इस बार की नई वि‍धानसभा में महि‍लाओं के लि‍ए कोई खास जगह नहीं है। महज आठ फीसद महि‍लाएं यूपी की वि‍धानसभा में हैं। हो सकता है कि‍ महि‍लाओं ने उत्‍तर प्रदेश के इन अपराधी वि‍धायकों की हि‍स्‍ट्री देखते हुए वि‍धानसभा की जगह घर पर बैठना ज्‍यादा पसंद कि‍या हो। बहरहाल, इस वि‍धानसभा में 40 फीसदी से ज्‍यादा वि‍धायक दागी हैं। इनमें से बीस तो ऐसे हैं, जि‍न पर हत्‍या, हत्‍या के प्रयास, डकैती, लूट जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। "
{मि‍त्रसेन यादव
फैजाबाद की मि‍ल्‍कीपुर वि‍धानसभा क्षेत्र से सपा के टि‍कट पर जीतकर वि‍धानसभा पहुंचे मि‍त्रसेन यादव का रि‍कॉर्ड सबसे ज्‍यादा खराब है। वर्ष 2012 में इनपर कुल 35 मुकदमे दर्ज हैं। लगभग सभी मुकदमों में तीन से ज्‍यादा धाराएं यानि कि‍ आरोप लगे हैं। मि‍त्रसेन यादव हत्‍या के एक मामले में अपराधी करार दि‍ए गए हैं और राष्‍ट्रपति‍ से इन्‍हें जीवनदान मि‍ला है। गंभीर बात यह है कि राज्‍यपाल‍ से जीवनदान मि‍लने के बाद भी मि‍त्रसेन यादव ने अपराध से कि‍नारा नहीं कि‍या है और तकरीबन एक दर्जन मुकदमे जीवनदान मि‍लने के बाद इनपर दर्ज हुए हैं। इनपर 11 बार कि‍सी की हत्‍या करने की कोशि‍श करने का और तीन बार कि‍सी की हत्‍या कर देने का मुकदमा दर्ज है। डकैती और लूट के भी मामले इनपर दर्ज हैं।

वर्ष 2009 में जब मि‍त्रसेन यादव ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था, तब इन पर कुल 20 मुकदमे थे। तीन साल में पंद्रह मुकदमे बढ़ गए। 11 जुलाई 1934 को फैजाबाद के एक गांव में जन्‍मे मि‍त्रसेन यादव को वर्ष 1966 में जटाशंकर ति‍वारी और सुरेंद्र ति‍वारी के दोहरे कत्‍ल के लि‍ए फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इनकी हत्‍या उन्‍होंने 1964 में की थी। वर्ष 1972 में कांग्रेसी नेता कमलापति‍ त्रि‍पाठी ने उत्‍तर प्रदेश के राज्‍यपाल से इनकी फांसी माफी की अपील की तो 7 अक्‍टूबर 1972 को तत्‍कालीन राज्‍यपाल ने इन्‍हें दया की माफी दे दी। }
{रामेश्‍वर सिंह
एटा की अलीगंज वि‍धानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टि‍कट पर जीतने वाले रामेश्‍वर सिंह का रि‍कॉर्ड भी काफी खराब है। इनपर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों के मुताबि‍क चार बार इन्‍होंने कि‍सी की हत्‍या का प्रयास कि‍या है। तीन बार वि‍धायक जी ने डकैती डाली है तो दो बार फि‍रौती मांगी है। एक हत्‍या भी वि‍धायक जी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, वि‍धायक जी पर एक दो नहीं बल्‍कि‍ पूरे 14 बार दंगे भड़काने का भी आरोप है। }
{वि‍जय कुमार
संत रवि‍दास नगर की ज्ञानपुर वि‍धानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टि‍कट पर सदन में पहुंचे वि‍जय कुमार पर कुल 25 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में लगे आरोपों के मुताबि‍क इन्‍होंने दो लोगों की हत्‍या की है। चार और लोगों की हत्‍या करने का प्रयास वि‍धायक जी ने कि‍या पर उनकी कि‍स्‍मत अच्‍छी थी कि‍ वह बच गए। इतना ही नहीं, सशस्‍त्र डकैती भी वि‍धायक जी डाल चुके हैं। }
{सुशील सिंह
चंदौली की सकलडीहा वि‍धानसभा सीट से जीतकर पहुंचे सुशील सिंह पर बीस मुकदमे दर्ज हैं। इनपर दर्ज मुकदमों के मुताबि‍क वि‍धायक जी अब तक सात लोगों की हत्‍या कर चुके हैं। पांच लोग खुशकि‍स्‍मत रहे, जि‍नकी वि‍धायक जी ने हत्‍या करने की भरपूर कोशि‍श की, पर वह अपने आपको बचाने में कामयाब रहे। इसके अलावा वि‍धायक जी ने दो बार अपहरण और एक बार चोरी भी की है। }
{रामवीर सिंह
फि‍रोजाबाद की जसराना सीट से समाजवादी पार्टी के टि‍कट पर जीतकर पहुंचे रामवीर सिंह पर कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों के मुताबि‍क वि‍धायक जी ने दो लोगों‍ की हत्‍या की है और छह लोगों को जान से मार डालने की कोशि‍श की है। इसके अलावा वि‍धायक जी डकैती, लूट और चोरी भी कर चुके हैं। }
{राधे श्‍याम जायसवाल
सीतापुर शहर वि‍धानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की तरफ से लड़े और जीते वि‍धायक राधे श्‍याम जायसवाल पर कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। }
{रवि‍दास मेहरोत्रा
लखनऊ सेंट्रल की वि‍धानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी से वि‍धायक बने रवि‍दास मेहरोत्रा पर भी 17 मुकदमे हैं। मेहरोत्रा जी तीन बार तो सांप्रदायि‍क दंगे भड़का चुके हैं तो 12 बार गैर सांप्रदायि‍क दंगे इन्‍होंने भड़काए हैं। इनसे 'गलती' से या 'नादानी' से एक बार हत्‍या हो चुकी है।}

आगे गिनती जारी है .................

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