Monday, 28 January 2013

वाह रे गद्दारों -(एक कविता )


  • आज पाप तो तराजू बना दिया ..
    भगवान् को ही पापी बना दिया ..

    दुसमन को ही साथी बना दिया ..
    कुत्ते को हाथी बना दिया ...

    कंस को सारथि बना दिया ..
    अर्जुन को स्वार्थी बना दिया ..

    कसाब को क्रांतिकारी बना दिया ..
    भगत को आतंकवादी बना दिया ..

    अन्याय को साक्क्षी बना दिया ...
    "
    कृष्णा" को अपराधी बना दिया

    जय श्री कृष्ण 

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