Sunday, 27 January 2013

मुहम्मद अली जिन्ना और गाँधी


मुहम्मद अली जिन्ना और गाँधी

बटवारे का बीज गाँधी ने बोया था .-

देश के हिन्दू और मुस्लिम को बाटने का काम तो गाँधी ने ही किया था - खिलाफत जैसे आंदोलनों का समर्थन करके ..
भारत और पाकिस्तान के बटवारे का बीज गाँधी ने हद तक १९२० में ही बो दिया था ..
जो बाद में जाकर एक बड़ा अहिंसा का कारण बना ...
जिसके असली गुनहगार गाँधी ही थे ..
जिन्ना ने भी कहा था , 1920 में जिन्ना ने कांग्रेस के इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गान्धीजी के जनसंघर्ष का सिद्धांत हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच विभाजन को बढ़ायेगा कम नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे दोनों समुदायों के अन्दर भी जबर्दश्त विभाजन पैदा होगा।

गाँधी और जवाहर के न झुकने और अपने अड़ियल रवैये पर अड़े रहने के कारण जिन्ना एक मुस्लिम रास्ट्र बनाने के लिए तैयार हुआ था ..

मै मानता हु की जिन्ना तो सूअर था ही पर गाँधी भी उससे कम नही था ..
जवाहरलाल से ज्यादा समझदार जिन्ना था लेकिन गाँधी ने हमेशा जवाहर का साथ दिया ये भी एक वजह थी बटवारे की ...

जिन्ना पुरी तरह से मुस्लिमो के हित की बात करता था लेकिन हिन्दुओ से नफरत नही करता था क्योकि वो भी एक हिन्दू ही था .. , जी हाँ जिन्ना एक राजपूत हिन्दू था जिसका जन्म स्थान गुजरात था .. और उसके माँ बाप व्यवसायी थे .. बाद में इन लोगो ने मुस्लिम धर्म को अपना लिए .. और जिन्ना ने मुस्लिम धर्म की भी इज्जत सरेआम उतार ली .. वो सूअर की मांस खाता था .. और उसने सबसे पहले एक पारसी लड़की से सम्बन्ध बनाया बाद में दबाव में आकर शादी किया लेकिन मुस्लिम लोग इसे मानने को तैयार नही थे ... ..
बाद में जिन्ना को एक लड़की पैदा हुई जिसने भी एक पारसी लड़के से शादी कर ली ....

इस तरह से जिन्ना न तो हिन्दू था न मुस्लिम .. 

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