Sunday, 27 January 2013

हमारे नौजवान और गाँधी के तीन बन्दर ||


1.     हम इन्हें नौजवान कहे या बुड्ढा ???????
जो हमारे नौजवान आज भी आँख मूंदकर गाँधी जैसी बाते करते है उनके लिए -

कब आँख खुलेगी इन नौजवानों की जो आज भी पाकिस्तान से शांति की उम्मीद लगाये बैठे है ...


हमें तो लगता है ये गाँधी से ज्यादा भी गए गुजरे हुए है ...
जब गाँधी के रास्ते ही सबकुछ हो सकता है तो किसी एक लड़की का बलात्कार होने पर उसे दूसरी लड़की क्यों भेट नही कर दी जाती ??
आखिर गाँधी ने ही तो कहा था कोई एक थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल आगे कर दो ...
सैनिक के हाथ में गन क्यों उसे चरखा पकड़ा दो ....
बुरा देखो तो बोलो मत मुह बंद कर लो .. चाहे वो तुम्हारे घर वालो के साथ ही क्यों न हो ..
बुरा सुनो मत चाहे वो तुम्हे ही मार डालने की साजिस कर रहा हो ....
बुरा कहो मत चाहे वो तुम्हारी माँ , बहन सब एक कर रहा हो ..............

हम क्या कहे गाँधी गद्दार या देशभक्त ..?
और तुम सरदार या कायर ..या नपुंसक ??
तुम इंसान हो या जानवर , जो अत्याचार सह सकते है लेकिन बोल नही सकते ????

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