1.
{महिला दिवस पर, क्या इनको सम्मान चाहिए ??}
क्या ये पूजा के लायक है ..
क्या ये सम्मान के लायक है ...
आज नारी कहाँ जा रही है
अपना सम्मान खुद ही खो रही है ..
छोटे छोटे कपडे पहन बदन खोल रही है ...
क्या ये सम्मान के काबिल है ...
क्या ये अपमान के काबिल है ...
खो गया सारा संस्कार है ..
अब तो देखा नही जाता ये अन्धकार है ..
ये खोती जा रही है सब लज्जा ...
क्या यही इनका आज का अधिकार है ....
क्या सब पुरुषो की ही गलती है ..
क्या इसपर नही किसी को आपत्ति है ...
क्या ये पूजा के लायक है ..
क्या ये सम्मान के लायक है ...
:कृष्णा की कलम से :
{महिला दिवस पर, क्या इनको सम्मान चाहिए ??}
क्या ये पूजा के लायक है ..
क्या ये सम्मान के लायक है ...
आज नारी कहाँ जा रही है
अपना सम्मान खुद ही खो रही है ..
छोटे छोटे कपडे पहन बदन खोल रही है ...
क्या ये सम्मान के काबिल है ...
क्या ये अपमान के काबिल है ...
खो गया सारा संस्कार है ..
अब तो देखा नही जाता ये अन्धकार है ..
ये खोती जा रही है सब लज्जा ...
क्या यही इनका आज का अधिकार है ....
क्या सब पुरुषो की ही गलती है ..
क्या इसपर नही किसी को आपत्ति है ...
क्या ये पूजा के लायक है ..
क्या ये सम्मान के लायक है ...
:कृष्णा की कलम से :

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