Thursday, 28 March 2013

कृपया हिंदी में लिखे

रूस और जापान में सिर्फ वही की भाषा बोलना अनिवार्य कर दिया गया है ...
यहाँ तक की जापान में कुरआन भी सिर्फ जापानी भाषा में ही रख सकते है ...
अन्य देशो के राजदूत को भी सिर्फ जापानी भाषा में ही बात करना पड़ता है ...

और हमारे देश में बिना सम्मान वाली भाषा " अंग्रेजी " को जमकर बढ़ावा दिया जा रहा है .
नई नई जगहों पर प्रयोग करने के लिए आदेश दिया जा रहा है ...
कानून भी अंग्रेजो का और अंगेजी है ..

और अब जमाना आ रहा है चड्डी पहने के घुमने वालो का ..
हमारा देश के लोगो को " हिंदी " बोलने या हिंदी समझने में शर्म आ रही है ...

चिता मत करो... तुम जरुर बिना शादी के बाप और माँ बनने में कामयाब होगे ..
और कुछ दिन बाद उसकी भी जरुरत नही पड़ेगी ..
बढ़ रहे हो अग्रेजी और अंग्रेजो की गुलामी की तरफ ..
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