Tuesday, 9 July 2013

जिन्दगी की निराशा में एक आशा ||

क्या लिखा जाए ..
जिन्दगी में हम लोग बहुत मेहनत करते है , किसी को कामयाबी मिलती है किसी को नही ..
फिर भी हमें अपने पिछले बातो को आगे बढ़ने की कोसिस करते रहना चाहिए ..|
कभी कभी मन में हारने जैसा अहसास होने लगता है , फिर भी जिन्दगी में हार नही मानना चाहए ..
क्योकि इसी का नाम "जिन्दगी " है.|
अगर हम हार मान जायेगे तो जिन्दगी का कोई मतलब नही रह जाएगा , हमारे आस पास के लोग भी
हम पर हँसेगे .मजाक बनायेगे |
तो अच्छा यही है की हम चुप रहते हुए पिछले हार को भूलकर एक नए सुरुआत का इन्तजार करे और
अपने काम को करते रहे .|
एक न एक दिन कामयाबी जरुर मिलेगी और तब आपको किसी के हसने का या बेइज्जती का डर नही होगा
और आप आगे लगातार बढ़ने लगेगे , जैसे एक छोटे से बेल के पौधे को पहले सहारे की जरूरत होती है लेकिन
कुछ दिन वही बेल अपना सहारा खुद ही आस पास से ढूढ लेता है और निरंतर बढ़ता रहता है ..|

कुछ न कहते हुए भी हमें चुप रहना पड़ता है कभी , क्योकि अभी हम उस मुकाम पर नही पहुचे की हर बात
पर अपना दावा सिद्ध कर सके लेकिन हिम्मत मत हारो वो दिन भी जरुर आएगा की आप अपना दावा ढोक सकोगे और कह सकोगे की यही सही है ,. बस उसके लिए कुछ कर दिखाने की जरूरत है .| हिम्मत हारना किसी समस्या का हल नही होता , हल होता है सही समय का इन्तजार करना और उसका मुकाबला करना .|
-------  अभी उम्र बाकी है , दिन बाकी है , जिन्दगी बाकी है.. ||
जरुर एक न एक दिन आपको और हमें तय किया हुआ मुकाम मिलेगा .
तो निराश होने से कोई फायदा नही है ..
आगे बढ़ने की कोसिस तो जारी रहेगी .
और एक न एक दिन ये कोसिस ही नीव का पत्थर बनेगी ..||  

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