जस्टिस केएन बाशा और जस्टिस एस. नागमुथु जो की तमिलनाडु के जज है ..
इन्होने कहा है की अगर पुरुस और महिला को अकेले छोड़ दिया जाए तो वे सेक्स ही करेगे .
( हमें लगता है की ये दोनों भीमराव आंबेडकर की लिखी हुई कानून की किताब या तो कुछ
ज्यादा ही अच्छे से पढ़ लिया होगा या अपनी कोई नई खोज निकाल ली होगी )
एसे जज इस तरह के बड़े पद पर कैसे पहुच जाते है समझ में नही आता ..'
यही सब कारण है की बलात्कारियो और हत्यारों को मनसूबे बढ़ते है
क्योकि कोर्ट में भी पीड़ित वर्ग को ही दबाया जाता है ..
और जज लोग भी पैसे लेकर केस की दसा और दिशा दोनों बदल देते है ..
{क्या एसी मानसिकता वाले लोग जज बन्ने लायक है ????}
इन्होने कहा है की अगर पुरुस और महिला को अकेले छोड़ दिया जाए तो वे सेक्स ही करेगे .
( हमें लगता है की ये दोनों भीमराव आंबेडकर की लिखी हुई कानून की किताब या तो कुछ
ज्यादा ही अच्छे से पढ़ लिया होगा या अपनी कोई नई खोज निकाल ली होगी )
एसे जज इस तरह के बड़े पद पर कैसे पहुच जाते है समझ में नही आता ..'
यही सब कारण है की बलात्कारियो और हत्यारों को मनसूबे बढ़ते है
क्योकि कोर्ट में भी पीड़ित वर्ग को ही दबाया जाता है ..
और जज लोग भी पैसे लेकर केस की दसा और दिशा दोनों बदल देते है ..
{क्या एसी मानसिकता वाले लोग जज बन्ने लायक है ????}
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