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की देश के असली दुसमन कौन है जिनकी वजह से इतने बलात्कार बढ़ रहे है ..
सिर्फ सरकार ही नही दोसी बल्कि और भी बहुत लोग दोषी है बढ़ते हुए बलात्कारो के लिए
------------------------------------------------------------------------------ - फ़ोर्ब्स के अनुसार, हमारा महान भारत, उन पाँच देशों की
सूची में आ गया है जो कि औरतों के लिए खतरनाक हैं, और इस श्रेणी में
हमारे चार पड़ौसी हैं..
सोमालिया, पाकिस्तान, कोंगो और अफगानिस्तान|
एक हालिया सर्वे के मुताबिक भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले 60 प्रतिशत लोग पोर्न सामग्री देखते हैं। यही नहीं इंटरनेट पर मौजूद 56 प्रतिशत कंटेंट किसी न किसी रूप में अश्लील है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या भारत सरकार पोर्न वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने में कामयाब हो पाएगी?
इस सवाल का जबाव तलाशने से पहले हम यह समझने की कोशिश करते हैं कि भारत में पोर्न महामारी कैसे बन गया? ऐसा क्या हुआ कि इंटरनेट यूज करने वाले लोग पोर्न को सर्च करने लगे? गूगल के कुछ उपयोगी टूल्स के जरिए हमने इन सवालों के जबाव तलाशने की कोशिश की और जो नतीजे सामने आए वह हैरतअंगेज हैं।
गूगल साल 2004 से अब तक के सर्च इंट्रेस्ट आंकड़े उपलब्ध करवाता है। 2004 से 2010 तक भारत कभी भी पोर्न सर्च करने वाले शीर्ष दस देशों में नही रहा। 2011 में भारत पहली बार इस सूची में 9वें स्थान पर आया। लेकिन 2012 में भारत इस सूची में पांचवे स्थान पर था और पिछले 12 महीनों में यह चौथे स्थान पर है। त्रिनिदाद एवं टोबैगो, पापुआ न्यू गिनी और पाकिस्तान हमसे आगे हैं।
यही हाल सेक्स शब्द सर्च करने का भी है। भारत गूगल पर सेक्स सर्च करने के मामले में हमेशा से आगे रहा है। लेकिन सितंबर 2011 के बाद इसमें भी अप्रत्याशित तेजी आई।
अब सवाल यह उठता है कि 2011 में ऐसा क्या हुआ कि पोर्न भारत में महामारी की तरह फैला और लगातार फैलता जा रहा है। तो इसका जबाव है कि 2011 में पहली बार एक पोर्न स्टार मेनस्ट्रीम मीडिया के जरिए खबर बनी। दरअसल सनी लियोन ने बिग बॉस के जरिए भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा। बिग बॉस का हिस्सा बनते ही सनी लियोनी खबरों में छाई रही।
यदि गूगल सर्च कीवर्ड्स के इंट्रेस्ट पर नजर डालें तो साल 2012 में सनी लियोनी एकमात्र ऐसी सख्शियत थी जो राइसिंग सर्च में टॉप टेन कीवर्ड्स में जगह बना सकीं। यानि 2011-2012 में सनी लियोनी को खूब सर्च किया गया। और सनी लियोनी को सर्च करते-करते भारतीय पोर्न तक पहुंच गए। हालत यह हुए कि इंटरनेट पर पोर्न से दूर रहने वाले भारतीय दो साल के भीतर ही सबसे ज्यादा पोर्न सर्च करने के मामले में चौथे नंबर पर आ गए।
गुड़िया रेप केस के बाद सरकार अब पोर्न को प्रतिबंधित करने की तैयारी तो कर रही है लेकिन सवाल यह है कि क्या यह संभव है। साइबर लॉ विशेषज्ञ पवन दुग्गल मानते हैं कि पोर्न को प्रतिबंधित तो किया जा सकता है लेकिन रोका नहीं जा सकता। पवन दुग्गल कहते हैं, 'भारतीय कानूनों को मुताबिक पोर्न देखना तो अपराध नहीं है लेकिन अश्लील सामग्री का निर्माण करना और प्रसारण करना पूरी तरह गैर कानूनी हैं। आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अश्लील कंटेंट तैयार करना, प्रकाशित करना और प्रसारित करना या ऐसा करने में मदद करना अपराध है। धारा 67ए के तहत एक्स रेटेट सेक्स कंटेंट तैयार करना, प्रकाशित, प्रसारित या इसमें मदद करना अपराध है। भारत में स्थित किसी सर्वर से पोर्न कंटेंट को होस्ट करना भी अपराध है लेकिन यदि कोई पोर्न वेबसाइट विदेश से चल रही हो तो भारत सरकार पूरी तरह लाचार हो जाती है।'
मौजूदा भारतीय कानूनों को असहाय बताते हुए पवन दुग्गल कहते हैं कि साइबर लॉ में बदलाव की तुरंत आवश्यक्ता है। हमारा मौजूदा आईटी एक्ट साइबर अपराधों की चुनौतियों का सामना करने और पोर्न या अश्लील कंटेंट के प्रकाशन और प्रसारण को रोकने में असमर्थ है।
चूंकि अधिकतर पोर्न कंटेंट विदेशों में होस्टेट है इस कारण इस चुनौती से निपटना मुश्किल भी हो जाता है। पवन दुग्गल कहते हैं, 'विदेशों में बैठकर भारतीयों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और भारत सरकार लाचारी से देख रही है। मैं मानता हूं कि पोर्न को नियंत्रण करना असंभव है। मुझे लगता है कि उतनी ही लड़ाई शुरू करनी चाहिए जिसे आप जीत सकें। अगर आप पोर्नोग्रॉफी के विरुद्ध छेड़ रहे हैं तो यह मान कर चलिए की कोई राष्ट्र इस युद्ध को जीता नहीं है। लेकिन हम लड़ाई शुरू तो कर ही सकते हैं। पहले हमें चाइल्ड पोर्नोग्रॉफी पर केंद्रित होना चाहिए क्योंकि इसमें अन्य राष्ट्रों को सफलता मिली है। एक बार हम चाइल्ड पोर्नोग्रॉफी को पूरी तरह प्रतिबंधित कर देंगे तो हम आगे की लड़ाई के लिए भी तैयार हो सकेंगे। सिर्फ घोषणाएं करने से कुछ नहीं होगा, सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने और इंटरनेट पर सामग्री उपलब्ध करवाने वाली वेबसाइटों को जिम्मेदार होने की जरूरत है। '
साभार : दैनिक भास्कर(एवं अन्य पत्र

पोर्नोग्राफी ही हमारे देश में यौन हिंसा को बढ़ावा दे रहा है ..विशेषकर किशोर उम्र के युवा इसमें ज्यादा सक्रिय हैं .. इसलिए भारत सर्कार को चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगाने के लिए कोई कठोर नियम बनाना चाहिए
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